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महाराष्ट्र: 'ये बिल्डिंग भूतिया है, यहां आत्माएं मंडराती हैं', मंत्री संजय शिरसाट ने दिया अजीबोगरीब बयान

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Apr 16, 2026 10:51 am IST,  Updated : Apr 16, 2026 10:51 am IST

महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने अजीबोगरीब बयान दिया है, जिससे सियासी बहस छिड़ गई है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय की बिल्डिंग भूतिया है और यहां आत्माएं मंडराती हैं। जानें उन्होंने ऐसा क्यों कहा है?

 संजय सिरसाट का अजीबोगरीब बयान- India TV Hindi
संजय सिरसाट का अजीबोगरीब बयान Image Source : REPORTER

 छत्रपति संभाजी नगर महानगरपालिका में एक कार्यक्रम के दौरान शिवसेना के नेता संजय सिरसाट ने अजीबोगरीब बयान दिया। सिरसाट ने कहा, यहां पर पहले मुर्दे गाड़े जाते थे और कब्रिस्तान का भाग होने की वजह से कभी-कभी यहां की आत्माएं डराती है और इसकी वजह से लोग बेचैन होते हैं, ऐसा मुझे लगता है। अगर आपको इससे मुक्ति चाहिए तो इस बिल्डिंग को कहीं अच्छी जगह ले जाइए, जिससे आत्माओं को भी छुटकारा मिलेगा और आपको भी। महानगरपालिका के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट को लेकर संजय सिरसाट ने ऐसी बातें कहीं, जिससे हड़कंप मच गया है और सियासत तेज हो गई है।

दूसरी जगह शिफ्ट करें ऑफिस

​महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने महानगरपालिका की मौजूदा इमारत को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई और इस जगह को अशुभ बताते हुए कहा कि इसका असर कामकाज पर पड़ रहा है। इस इमारत के कारण विकास कार्यों में भी बाधाएं आ रही हैं, ऐसा इन आत्माओं की वजह से ही हो रहा है। शिरसाट ने सुझाव दिया है कि महानगरपालिका की नई इमारत पंचवटी चौक जैसे बेहतर स्थान पर बनाई जाए। उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान इमारत में छोटे-मोटे बदलाव करने से कोई फायदा नहीं होगा और शहर के बेहतर भविष्य के लिए नई इमारत जरूरी है।  शिरसाट की इन बातों ने दमकल विभाग की क्षमता को मज़बूत करने की नगर निकाय की पहल को ही फीका कर दिया। पालक मंत्री ने नई इमारत के लिए ज़रूरी फंड दिलाने की बात भी कही।

सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाएं

संजय शिरसाट के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ और इसे लेकर यूज़र्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस बयान को कुछ लोगों ने इसे अवैज्ञानिक और असंवेदनशील बताया। उनका तर्क था कि ऐसे बयानों से नगर निगम के सामने मौजूद ज़रूरी नागरिक और प्रशासनिक चुनौतियों से ध्यान भटक सकता है।

(छत्रपति संभाजी नगर से देव राजाले की रिपोर्ट)

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